September 24, 2022

गरीब, कामगार व भीख मांगने वाले बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका

उत्कृष्ट भारत प्रयास

प्रेरणा- गरीब, कामगार व भीख मांगने वाले बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका

घाटमपुर।

 

आइये आज मिलते हैं अंजली से, आप तहसील घाटमपुर में गरीब बच्चों को निशुल्क पढ़ाती हैं।

 

हमने पड़ताल की तो पाया कि कुष्माण्डा देवी परिसर में शाम 06 बजे करीब 20 से 25 बच्चे समूह में एक स्थान पर पढ़ रहे थे, और एक शिक्षिका उन्हे पढ़ा रहीं थीं।

 

बातचीत के दौरान पता चला कि अंजली ओमर स्नातकोपरांत तहसील में प्राइवेट ट्यूशंन्स लेकर अपनी पढ़ाई कर रही हैं, और साथ ही वह अपना खाली समय गरीब बच्चों को शिक्षित कर बिताती हैं।

 

बातचीत के दौरान यह भी पता चला कि उनके लिए शिक्षा का यह अभियान इतना आसान नहीं था।

 

हालांकि समाजसेवा उनका सपना था किन्तु जब कि वह स्वयं भी अभी आय के लिए ट्यूशंस पर निर्भर हैं। ऐसे में समाज के लिए समय निकालना उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपनी परिस्थितियों को दोष देकर सामाजिक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेते हैं।

 

अंजली ने बताया कि उन्होने कुष्मांडा देवी परिसर की देखरेख करने वाली समिति से बातचीत की और उन्हे पढ़ाने के लिए जगह देने हेतु राजी कर लिया किन्तु शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी के कारण एवं आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए ज्यादातर अभिवावक शुरू में बच्चों को भेजने से कतराते थे।

 

किन्तु निरंतर प्रयास एवं बातचीत करते हुए धीरे धीरे लोग बच्चों को भेजने लगे एवं बच्चों ने भी पढ़ने में अच्छी रुचि दिखाई। जो बच्चे पहले मंदिर परिसर पर भीख मांगते या सामान बेचते दिखते थे वो अब अनुशासित छात्रों की तरह समय से कक्षा में उपस्थित हो रहे हैं।

 

साथ ही जिन बच्चों की पढ़ाई कोरोना काल में बाधित हो गई थी, वो भी अंजली के साथ जुड़ रहे हैं। अंजली का मानना है कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है, और किसी भी हालत में अभिवावक को उसे शिक्षा से वंचित नहीं रखना चाहिए।

 

उत्कृष्ट भारत अंजली के प्रयासों की सराहना करता है, एवं अन्य लोगों से अपील करता है कि वह भी इस मुहिम से वालेंटियर के रूप में जुड़कर शिक्षा के इस अभियान को बड़े स्तर पर संचालित करें।

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